बेतिया (पश्चिम चंपारण): मनीष कश्यप एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार उनके खिलाफ बेतिया के योगापट्टी प्रखंड स्थित नवलपुर थाना क्षेत्र में एक ठेकेदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में पैसे की मांग, धमकी और निर्माण कार्य में हस्तक्षेप जैसे आरोप सामने आए हैं। वहीं, मनीष कश्यप पक्ष की ओर से भी पलटवार करते हुए ठेकेदार पर केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यूपी के ठेकेदार त्रिभुवन नारायण सिंह ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान उनसे 10 लाख रुपए “चंदे” के रूप में मांगे गए थे। रकम देने से इनकार करने पर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया।
पुल निर्माण को लेकर विवाद
ठेकेदार का आरोप है कि 16 मार्च को मनीष कश्यप अपने सहयोगियों के साथ मनुआपुल-रतवल मार्ग पर बन रहे चमैनिया पुल के निर्माण स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए काम रुकवाने की कोशिश की और कथित तौर पर धमकी दी। ठेकेदार का कहना है कि यह कार्रवाई पुराने विवाद के तहत दबाव बनाने के लिए की गई।
मारपीट और रंगदारी का आरोप
20 मार्च को मामला और गंभीर हो गया। ठेकेदार के भतीजे संजीत कुमार सिंह के साथ नवलपुर बाजार के पास मारपीट की घटना सामने आई। आरोप है कि रमेश यादव समेत कुछ लोगों ने हमला किया और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
दूसरा पक्ष भी उतरा मैदान में
मामले में पलटवार करते हुए नवलपुर निवासी रमेश यादव की मां फुलेनी देवी ने भी ठेकेदार और उनके लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार के साथ मारपीट की गई, 2 लाख रुपये छीन लिए गए और जबरन प्रताड़ित किया गया।
पुलिस क्या कह रही है?
नवलपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार के अनुसार, दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
यह मामला अब पूरी तरह से दो पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप में बदल चुका है। एक ओर जहां ठेकेदार ने पैसे की मांग और धमकी के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर मनीष कश्यप पक्ष ने भी मारपीट और लूट के गंभीर आरोप लगाए हैं। अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि असल सच्चाई क्या है।

0 टिप्पणियाँ